रिवर लिंक योजना नहीं है जल संकट का समाधानः राजेंद्र सिंह

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जयपुर. सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय जयपुर में 9 फरवरी को तीन दिन दिवसीय ‘चैलेंजेज एंड सोल्यूशंस फॉर ए सस्टेनेबल एनवायरनमेंट’ विषय पर 5वां एनुअल इंटरनेशनल कन्वेंशन शुरू हुआ. उद्घाटन समारोह के चीफ गेस्ट ‘रेमन मैग्सेसे’ अवार्डी पद्मभूषण श्री चंडी प्रसाद भट्ट थे. वाटर मैन राजेंद्र सिंह, डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह, ज्ञान विहार विवि के चीफ मेंटर डॉ. सुधांशु, वायस चांसलर डॉ. धर्मबुद्धि, डॉ. डी. शाह और मोजांबिक की एंबेसेटर मिस मैरी समारोह के विशिष्ट अतिथि थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के चेयरमैन सुनील शर्मा ने की.

चीफ गेस्ट पद्मभूषण चंडी प्रसाद भट्ट ने सम्मेलन के शुभारंभ की उद्घोषणा करते हुए कहा पर्यावरण के खतरों से निपटने में सबसे बड़ी बाधा राजनैतिक इच्छाशक्ति का है, इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा और पोलिसी मेकर पर दबाव बनाना होगा. उन्होंने हिमालय के पिघलते ग्लेश्यिर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा हम प्राकृतिक आपदाओं को होने से तो नहीं रोक सकते लेकिन अवेरनेंस के माध्यम से आपदा की मारक क्षमता को जरुर कम कर सकते हैं. उन्होंने इस बात पर बल किया कि हमें पर्यावरणीय समस्याओं को विज्ञान सम्मत समझकर उनका हल ढूंढना होगा.

‘पानी और जंगल पंचायत’ का आयोजन

उद्घाटन समारोह के बाद ‘पानी और जंगल पंचायत’ का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता ‘रेमन मैग्सेसे’ अवार्डी श्री राजेंद्र सिंह ने जल संकट पर बोलते हुए कहा कि इस समस्या का समाधान केवल और केवल जल संरक्षण है. उन्होंने जल संकट के समाधान की दिशा में सरकार की नदियों को जोड़ने की योजना की आलोचना की और कहा यह कोई समाधान नहीं हैं. वल्कि इस योजना के भारी खतरे हैं. उन्होंने नदी लिंकिंग योजना को डिजास्टर बताया. उन्होंने कहा नदियों को बचाना है तो इन्हें लोगों के दिलो-दिमाग से जोड़ना होगा. शिक्षण संस्थानों में भी हमें नेचर को पोषण करने वाली शिक्षा देनी होगी.

इस पंचायत में डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने भी अपनी बात रखी. अंत में डॉ सुशांधु ने पंचायत में एक प्रस्ताव रखा कि ‘हमें नेचुरल तरिकों से संसाधनों का रखरखाव करना होगा.’ इसका सभी लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया.

इसके अलावा कन्वेशन में अलग अलग जगह पांच टेक्निकल सेशन चले जिसमें वाटर मेनेंजमेंट, नेचुरल रिसोर्स मेनेजमेंट, क्लाइमेंट चेंज के विभिन्न तकनीकि पहलुओं पर चर्चा हुई.

सम्मेलन का आयोजन सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय के ‘सेंटर फॉर क्लाइमेट चेन्ज एंड वाटर रिसर्च’ (c3wr) की ओर से किया जा रहा है. इसमें डेढ हजार से अधिक पर्यावरण प्रेमी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, शोधकर्ता, वैज्ञानिक, उद्यमी, गवर्नमेंट ऑफिसर, डॉक्टर, रिसर्चर और स्टूडेंट्स भाग ले रहें हैं.

Suresh Gyan Vihar University Jaipur, 5th International Convention on Environment

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