विरोध में दबी वसुंधरा सरकार

0
203

जयपुर. राजस्थान की वसुंधरा सरकार भारी दबाव के चलते लोकसेवकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं करने वाले विवादित बिल को लेकर बैकफुट पर आ गई है. यह बिल सोमवार को विधानसभा में पेश किया गया जिसका विपक्ष दलों के साथ सतापक्ष के कुछ सदस्यों ने पुरजोर विरोध किया. और इसे काला कानून और भ्रष्ट्राचार को संरक्षण देने वाला बिल बताकर वापस लेने की मांग की. इन सबके बीच शाम होते होते वसुंधरा सरकार ने अपने मंत्रिमंडल से इस अध्यादेश पर पुनर्विचार करने के निर्देश दिए हैं.

आपको बता दें कि इस विवादित बिल को अध्यादेश के जरिये पिछले महीने राजस्थान में लागु किया था. जिसको सोमवार को विधानसभा में पेश किया गया. इस बिल के पास होने के बाद सरकार की मंज़ूरी के बिना नेताओं और अफसरों खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कराया जा सकेगा. यही नहीं, जब तक एफआईआर नहीं होती, प्रेस में इसकी रिपोर्ट भी नहीं की जा सकेगी. ऐसे किसी मामले में किसी का नाम लेने पर दो साल की सज़ा भी हो सकती है.

अध्यादेश पर चौतरफा विरोध झेल रही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने मंत्रिमंडल से इसमें पुनर्विचार करने के लिए कहा है. सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम को सीएम वसुंधरा ने अपने आवास पर मंत्रियों से मुलाकात की.

गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने विधेयक को सदन की मेज पर रखा था, इस दौरान उन्होंने कहा था कि, अभी तो विधेयक सदन की मेज पर आया है कुछ गुंजाइश होगी तो फिर बदलाव भी संभव है. लेकिन चौतरफा विरोध के बाद यह तय माना जा रहा है कि सरकार विधेयक में फेरबदल कर सकती है. बता दें कि सबसे ज्यादा विरोध जिन बिंदुओं पर हो रहा है सरकार उन पर फिर से विचार कर सकती है.

इनमें 180 दिन की अवधि और मीडिया पर खबरों की पाबन्दी पर सरकार पुनर्विचार कर सकती है. अब सभी की निगाहें मंगलवार को होने वाली विधानसभा की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

कांग्रेस ने किया विरोध
सोमवार को बिल जब विधानसभा में पेश होना था तो उससे पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने जयपुर में विधानसभा के बाहर वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अध्यादेश को लोकतंत्र की हत्या बताया. कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट ने अपना विरोध जताते हुए कहा कि सरकार अपना भ्रष्टाचार छिपाना चाहती है और पार्टी इस संबंध में राष्ट्रपति के पास जाएंगी.

हाई कोर्ट भी पहुंचा मामला

इस बीच सीनियर वकील एके जैन ने हाईकोर्ट में ‘दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017‘ के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर दी है.

Tags: Rajasthan Govt Criminal Laws Ordinance, वसुंधरा सरकार अध्यादेश, Vasundhara Raje, Rajasthan assembly, Ordinance In Rajasthan,  Criminal Laws Ordinance, Congress, Hindi News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here