मजदूरी संहिता विधेयक 2017 लोकसभा में पेश, 40 करोड़ श्रमिकों को होगा फायदा

0
831

नई दिल्ली. सरकार ने मजदूरी संहिता विधेयक 2017 शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया. जिसमें केंद्र को सार्वभौम न्यूनतम मजदूरी तय करने का अधिकार दिया गया है. इससे असंगठित क्षेत्र के 40 करोड़ श्रमिकों को लाभ होने की उम्मीद है. श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारु दत्तात्रेय ने इस बिल को पेश किया. इसके माध्यम से चार कानूनों – मजदूरी संदाय अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948, बोनस संदाय अधिनियम 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 को मिलाकर उसे सरल और सुव्यवस्थित बनाने का प्रस्ताव किया गया है.

दत्तात्रेय ने कहा, इसका मकसद श्रम अधिनियमितियों को सुसंगत, सरल और व्यवस्थित बनाना है. किसी भी स्थिति में श्रमिकों के अधिकारों का हनन नहीं होगा. यह श्रमिकों की मजदूरी के संदर्भ में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला होगा और देश में पहली बार सार्वभौम न्यूनतम मजदूरी लागू होने का मार्ग प्रशस्त होगा.

इस बिल का खास प्रावधान यह है कि किसी मजदूर को तनख्वाह कम दी गई तो उसके नियोक्ता पर 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा. पांच साल के दौरान ऐसा फिर किया तो 1 लाख जुर्माना या 3 माह की कैद या दोनों सजाएं एक साथ देने का प्रावधान भी है. हालांकि विपक्ष ने इस बात पर विरोध जताया कि सरकार ने अल्प सूचना पर बिल पेश कर दिया. उधर, श्रम मंत्री का कहना था कि अभी बिल पेश किया गया है, इस पर चर्चा बाद में होगी.

समय पर देनी होगी पगार
दिहाड़ी श्रमिकों को शिफ्ट समाप्त होने पर, साप्ताहिक श्रमिकों को सप्ताह के आखिरी कार्य दिवस तथा पाक्षिक श्रमिकों को कार्यदिवस समाप्ति के बाद दूसरे दिन भुगतान करना होगा. मासिक आधार वालों को अगले माह की सात तारीख तक वेतन देना होगा. श्रमिकों हटाने या बर्खास्त करने या उसके इस्तीफा देने पर पगार दो कार्यदिवस के भीतर देनी होगी.

नियोक्ता के लिए ये राहत
नियोक्ता के लिए नए बिल में राहत की केवल एक बात है कि वह श्रमिक की मजदूरी तभी काट सकता है जब वह ड्यूटी से गैरहाजिर रहा हो या फिर उसकी वजह से कोई नुकसान हुआ हो. घर व अन्य सहूलियतें देने की एवज में भी तनख्वाह काटने का अधिकार नियोक्ता को है.

Tags: labor code 2017, Minimum Wages Bill 2017, National Minimum Wage, Lok Sabha, Labour Minister, Bandaru Dattatreya, labor code 2017 india, Hindi News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here