डेढ़ महीने पहले जीता इंटरनेशनल गोल्ड, अब कर रही है मजदूरी

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खेल डेस्कः देश के एक और इंटरनेशनल खिलाड़ी की बदहाली की तस्वीरें सामने आई हैं. रायपुर की दामिनी साहू योगा की इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट है. लेकिन घर की आर्थिक तंगी के चलते उसे मजदूरी करनी पड़ रही है. दामिनी की बदहाली की खबर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद आनन-फानन में छत्तीसगढ़ योग आयोग के चेयरमैन संजय अग्रवाल उसके घर पहुंचे और उसे हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है. उसे प्रदेश का योगा एंबेसडर बनाने की बात भी कही.

पाकिस्तानी खिलाड़ी को हराकर मेडल जीता
दामिनी साहू ने इस साल नेपाल में 6 से 9 मई तक आयोजित साउथ एशियन योगा स्पर्धा में हिस्सा लेकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है. उसने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी को हराकर यह मेडल जीता. इसके अलावा बांग्लादेश और नेपाल के खिलाड़ी भी इस स्पर्धा में शामिल हुए थे.

दामिनी ने बताया कि वह 9 साल से योग कर रही है और अब तक 4 बड़ी स्पर्धाओं में मेडल जीत चुकी हैं. वह योग शिक्षक बनना चाहती है, क्योंकि धमतरी जिले में योग शिक्षकों की संख्या नगण्य है.

रायपुर जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर कुरुद ब्लॉक के ग्राम दर्रा की निवासी है. दामिनी के पिता परदेशीराम साहू मजदूरी करते हैं.

मदद पर मुकर गए मंत्री
दामिनी ने बताया कि उसके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है, इसलिए परिवार के साथ रेजा-कुली का काम करती हूं. इंटरनेशनल स्पर्धा में शामिल कराने नेपाल भेजने के लिए पिता को गांव की महिला समूह से 2 प्रतिशत ब्याज पर 10 हजार का कर्ज लेना पड़ा था.

मंत्री अजय चंद्राकर ने उस वक्त कहा था कि वापस आने पर जो बन सकेगा करेंगे पर उन्होंने अब तक कोई मदद नहीं की.

वह पढ़ाई पूरी करने के बाद योगा शिक्षक के रूप में अपना करियर बनाना चाहती है. उनके पिता परदेशीराम की भी इच्छा है कि दामिनी योगा में देश का नाम रोशन करे, लेकिन उसकी सफलता में घर की आर्थिक हालत रोड़ा बन रही है.

International Yoga Player Damini Sahu has to do the wages

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