भारत और अमेरिका करेंगे एक-दूसरे सैन्य हवाई अड्डों का इस्तेमाल

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SD and India's MoD Manohar Parrikar take a photo before thier bilateral meetingनई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच साजो-सामान के विनिमय पर सिद्धांतत: मंगलवार को हुए समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामान, अड्डे का इस्तेमाल कर सकेंगी। इस मुद्दे को लेकर पिछली संप्रग सरकार के समय समझौता नहीं हो पाया था।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और भारत के दौरे पर आए अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने स्पष्ट किया कि समझौते पर आगामी कुछ हफ्ते या महीने के अंदर दस्तखत हो जाएगा। इस समझौते से जुड़ी कुछ खास बातें-

1- दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सामान और अड्डे का इस्तेमाल करेंगी, इसका मतलब भारत की धरती पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती नहीं है।

2- द्विपक्षीय रक्षा समझौते को मजबूती देते हुए दोनों पक्ष अपने-अपने रक्षा विभागों और विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग स्थापित करने को राजी हुए हैं।

3- भारत और अमेरिका दोनों ने नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कानून की जरूरत पर बल दिया है। दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दखलअंदाजी को देखते हुए संभवत: ऐसा किया गया है।

4- साउथ ब्लॉक में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने पनडुब्बी से संबंधित मुद्दों को कवर करने के लिए नौसेना स्तर की वार्ता को मजबूत करने का निर्णय किया। दोनों देश निकट भविष्य में व्हाईट शिपिंग समझौता कर समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाएंगे।

5- भारत और अमेरिका रक्षा वाणिज्य एवं प्रौद्योगिकी पहल के तहत दो नयी परियोजनाओं पर सहमत हुए हैं। इसमें सामरिक जैविक अनुसंधान इकाई भी शामिल है।

6- प्रस्तावित समक्षौते के बारे में पर्रिकर ने कहा कि मानवीय सहायता जैसे नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के समय अगर उन्हें ईंधन या अन्य सहयोग की जरूरत होती है तो उन्हें ये सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

7- कार्टर ने कहा, अगर इस तरह की कोई स्थिति बनती है इससे सहयोग मिलेगा। साजो सामान अभियान का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मामला दर मामला होगा। उन्होंने कहा कि समझौते से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान हो गया है।

8- पहले भारत का मानना था कि साजो-सामान समझौते को अमेरिका के साथ सैन्य गठबंधन के तौर पर देखा जाएगा। बहरहाल एलएसए के साथ भारत हर मामले के आधार पर निर्णय करेगा। एलएसए तीन विवादास्पद समझौते का हिस्सा था, जो अमेरिका भारत के साथ लगभग एक दशक से हस्ताक्षर करने के लिए प्रयासरत था।

9- दो अन्य समझौते हैं- संचार और सूचना सुरक्षा समझौता ज्ञापन तथा बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट।

10- अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि साजो सामान समझौते से दोनों देशों की सेनाओं को बेहतर तरीके से समन्वय करने में सहयोग मिलेगा, जिसमें अभ्यास भी शामिल है और दोनों एक दूसरे को आसानी से ईंधन बेच सकेंगे या भारत को कल पुर्जे मुहैया कराए जा सकेंगे।

India and US agree to use military base and assets, India and US military agreement

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