भारतीय वैज्ञानिकों ने समुद्र में ढूंढा अनमोल खजाना

0
1359

नई दिल्ली. जिऑलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि भारतीय प्रायद्वीपों के पानी में लाखों टन के कीमती खनिज और धातु है. वैज्ञानिकों ने पहली बार मंगलुरु, चेन्नई, मन्नार बेसीन, अंडमान और निकोबार द्वीप और लक्षद्वीप के आस-पास 2014 में इन धातुओं का पता लगाया था.

10 हजार मिलियन टन से भी ज्यादा लाइम मड
वैज्ञानिकों के अनुसार, इन भूगर्भिकों के पास लाइम मड, फोसफेट और हाइड्रोकार्बन्स जैसे कीमती धातु हो सकते हैं. तीन साल बाद जिऑलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के वैज्ञानिकों ने 181,025 वर्ग किमी का हाई रेजॉल्यूशन सीबेड मोरफोलॉजिकल डेटा तैयार किया है और भारतीय इकोनॉमिक जॉन के भीतर 10 हजार मिलियन टन से भी ज्यादा लाइम मड होने की संभावना है.

वैज्ञानिकों ने सुनिश्चित किया है कि मंगलुरु और चेन्नई कोस्ट में बड़ी मात्रा में फास्फेट है. वहीं तमिलनाडु के मन्नार बेसीन कोस्ट में गैस हाइड्रैट है. वैज्ञानिकों के अनुसार अंडमान सागर में मैगनिज और लक्षद्वीप के आसपास माइक्रो-मैगनिज नोड्यूल है.

अत्याधुनिक अनुसंधान जहाजों से रही है रिसर्च

समुद्रों की गहराई में खनिजों पर रिसर्च करने के लिए तीन अत्याधुनिक अनुसंधान जहाज समुद्र रत्नाकर, समुद्र कौसतुभ और समुद्र सौदीकामा इस पर काम कर रही है. जिऑलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों की एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

Tags: Geological Survey of India, Seabed Treasure, Minerals, India Ocean, Scientists, precious metals and minerals, phosphate-rich, lime mud, India news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here