गोधरा कांडः हाईकोर्ट ने 11 लोगों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला

0
193

गांधीनगर. गोधरा कांड में गुजरात हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. 11 दोषियों की मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदल दिया है, जबकि 20 लोगों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में राज्य सरकार को इस घटना में मरने वालों के परिवार को 10 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है.

गोधरा ट्रेन कांड में एसआईटी की एक विशेष अदालत ने 1 मार्च 2011 को 31 लोगों को दोषी ठहराया था जबकि 63 लोगों को बरी कर दिया था. 11 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी जबकि 20 लोगों को उम्रकैद दी गई थी.

बता दें, 1 मार्च 2011 को जब विशेष अदालत ने यह फैसला सुनाया था तब बचाव पक्ष के वकील आईएम मुंशी ने इसे असाधारण करार देते हुए कहा था कि ये स्वीकार करना मुश्किल है.

उसी वक्त उन्होंने फ़ैसले को उच्च न्यायलय में चुनौती देने की बात कही थी. हालांकि तब सरकारी वकील जेएम पांचल ने फ़ैसले पर संतोष जताया था. जब 11 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई हो.

क्या था पूरा मामला
27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एक डिब्बे को गोधरा स्टेशन पर आग के हवाले कर दिया गया था. उस आग में 59 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज़्यादातर अयोध्या से लौट रहे हिंदू कारसेवक थे. इसके बाद पूरे गुजरात में दंगे भड़क गए थे.

राज्य के उस वक्त के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे पूर्व नियोजित घटना का नाम दिया था.

Tags: Sabarmati Express, kar sevaks, Godhra Kand 2002, Gujarat high court verdict, Godhra train burning case, 2002 गोधरा कांड, Latest Hindi News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here