सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड के छात्रों को दी बड़ी राहत, जुड़ेंगे इंटरनल असेसमेंट के नंबर

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नई दिल्ली. सीबीएसई ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत दी है. सीबीएसई बोर्ड ने इस साल पास होने के लिए जरूरी नंबर में बड़ा बदलाव किया है. नए नियम के तहत अब छात्रों को कुल मिलाकर 33 प्रतिशत मार्क्स लाने होंगे और सबसे खास बात है कि इनमें इंटरनल असेसमेंट मार्क्स भी शामिल होंगे. यानी इंटरनल असेसमेंट के 20 और बोर्ड एग्जामिनेशन के 80 नंबर के हिसाब से कुल 100 अंकों की परीक्षा होगी. सेंट्रल बोर्ड ऑफर सेकंडरी एजुकेशन ने मंगलवार को इस नोटिफिकेशन को जारी कर दिया. यह नियम इसी बार की बोर्ड परीक्षा से लागू होगा. सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला खासतौर पर छात्रों को राहत देने के लिए लिया गया है.

इस बार दसवीं के बोर्ड एग्जाम 5 मार्च से शुरू हो रहे हैं और 8 साल बाद इन एग्जाम को एक बार फिर अनिवार्य किया गया है. सीबीएसई ने पहले कॉम्प्रिहेंसिव और कॉन्टीन्युअस इवेलुएशन (सीसीई) स्कीम के साथ बोर्ड एग्जाम को ऑप्शनल कर दिया था. सीसीई सिस्टम को 2017 में बोर्ड ने वापस ले लिया था और दसवीं को बोर्ड एग्जाम को अनिवार्य कर दिया गया.

सीबीएसई की चेयरपर्सन अनीता करवाल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘एग्जामिनेशन कमेटी ने इस बार दसवीं की परीक्षा में बैठ रहे छात्रों को छूट देने की कोशिश की है क्योंकि बोर्ड एग्जाम के दोबारा शुरू होने के बाद ये पहला बैच है. 2017-2018 बैच के दसवीं के छात्रों के लिए ‘पासिंग क्राइटेरिया’ की बात करें तो उन्हें किसी सब्जेक्ट में कुल मिलाकर 33 प्रतिशत नंबर (इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड एग्जाम में मिले मार्क्स) लाने होंगे.

यही नियम उन छात्रों पर भी लागू होगा जिनके पास नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क स्कीम के तहत परीक्षा दे रहे हैं. पांच बड़े विषय- दो लैंग्वेज, साइंस, मैथ्स और सोशल साइंस इनमें शामिल हैं. वहीं वोकेशनल विषय के लिए इंटरनल एससमेंट के 50 नंबर आंके जाएंगे. अलग-अलग विषय में अलग से पास करने का नियम इस कोर्स पर लागू नहीं होगा.

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