नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी विमानों को गिराने की धमकी दी

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नई दिल्ली. नॉर्थ कोरिया ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर युद्ध का ऐलान करने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी विमानों को मार गिराने की चेतावनी दी है, जिसके बाद से अमेरिका और साउथ कोरिया टेंशन में आ गए हैं. बाद में व्हाइट हाउस ने नॉर्थ कोरिया के आरोपों को खारिज करते हुए इसे बेतुका बताया है, वहीं दूसरी ओर साउथ कोरिया ने अमेरिका से अपील की है कि वह उत्तर कोरिया के साथ तनाव कम करने में मदद करे. दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध की घोषणा किए जाने का दावा करते हुए उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही थी.

न्यूयॉर्क में री योंग हो ने कहा कि उत्तर कोरिया अमेरिकी बमवर्ष क विमानों को मार गिराकर अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है. नॉर्थ कोरिया का अमेरिका के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं है, लेकिन रो योंग हो न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में शामिल होने आए थे.

मंडरा रहा युद्ध का खतरा
नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री के इस दावे के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध छिड़ने का खतरा मंडरा रहा है. नॉर्थ कोरियाई विदेश मंत्री ने खुलेआम कहा था कि अमेरिका अगर नॉर्थ कोरिया पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो वो जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा था कि पूरी दुनिया को यह याद रखना चाहिए कि पहले अमेरिका ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया है. ऐसे में हमारे पास इसका पूरा अधिकार होगा कि हम अमेरिकी बमवर्षक विमानों को मार गिराने सहित हर प्रतिरोधी कदम उठाए.

वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि किसी भी देश की ओर से किसी अन्य देश के विमानों को मार गिराना उचित नहीं है, जब वे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के ऊपर हों. इस बीच अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने द्विपक्षीय समर्थन देते हुए शून्य के मुकाबले 415 मतों से नॉर्थ कोरिया ह्यूमन राइट्स रीऑथोराइजेशन एक्ट पारित किया. यह विधेयक अमेरिका के उन कार्यक्रमों को फिर से अधिकार देता है, जो नॉर्थ कोरिया में मानवाधिकार, लोकतंत्र और सूचना की स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करते हैं.

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