आनंदपाल एनकाउंटरः हिंसा में बदली श्रद्धांजलि सभा, 1 की मौत, 14 पुलिसकर्मियों सहित 20 घायल

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नागौर/जयपुर. राजस्थान पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल का अंतिम संस्कार बुधवार को 19वें दिन भी नहीं हो सका. बुधवार को प्रशासन और आनंदपाल के परिजनों के बीच बातचीत बेनतीजा रही. इस बीच आनंदपाल को श्रद्धांजलि देने हजारों की संख्या में पहुंचे राजपूत और रावणा राजपूत समाज के लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया और हिंसा पर उतर आया. दो जगह हुई फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई जबकि 14 पुलिसकर्मियों सहित 20 लोग घायल हो गए. हालात को देखते हुए नागौर, चुरू, सीकर और बीकानेर में धारा 144 लागू कर दी गई है. तथा इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. रात में आनंदपाल के पैतृक गांव सांवराद में कर्फ्यू लगा दिया.

आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार करवाने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आनंदपाल के परिजनों और राजपूत समाज की समझौता वार्ता बुधवार देर रात तक जारी रही.

इससे पहले राजपूत समाज की ओर से आनंदपाल के पैतृक गांव में आयोजित की गई श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में लोग जुटे. दिनभर राजपूत नेताओं और आनंदपाल के परिजनों के भाषणों का दौर चला. लेकिन अचानक रात 8 बजे राजपूत समाज के लोग उग्र हो गए और नागौर के पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख के वाहन पर फायरिंग कर दी, इसमें 14 सिपाहियों के घायल होने की सूचना है.

जानकारी के अनुसार फायरिंग के दौरान गोली देशमुख के पास से निकली, लेकिन वे बच गए. एक अन्य स्थान पर पुलिस पर हुई फायरिंग में राजपूत समाज के ही छह लोग घायल हुए हैं. घायलों को एंबुलेंस से जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रवाना किया गया है. उग्र राजपूत समाज के युवकों ने डेगाना-रतनगढ़ रेल पटरी पर कब्जा कर लिया.

इस कारण दो ट्रेनों को रोकना पड़ा. नागौर-अजमेर राजमार्ग पर भी राजपूतों ने कब्जा कर रखा है. उग्र लोगों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही लाठीचार्ज भी किया.

इससे पहले सरकारी प्रतिनिधियों की आनंदपाल के परिजनों एवं राजपूत समाज के लोगों के साथ हुई वार्ता में 16 जुलाई को अंतिम संस्कार किए जाने पर चर्चा हुई. परिजन इस शर्त पर 16 जुलाई को अंतिम संस्कार करने को तैयार हैं कि सरकार लिखित में सीबीआई जांच की बात कहे.

इसके अलावा आनंदपाल के पैतृक गांव सांवराद से कुछ दूर डीडवाना में दोपहर से चल रही समझौता वार्ता में सरकार ने दो मांगे तो मान ली इनमें एक उसकी जब्त सम्पति वापस परिजनों को सौंपने और दूसरी गैंगस्टर की बड़ी बेटी चिनू के खिलाफ पुलिस में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग शामिल है. राजपूत समाज ने घोषणा की है कि अगर सीबीआइ जांच की मांग नहीं मानी गई तो आनंदपाल का शव लेकर वे राजधानी जयपुर कूच करेंगे.

बुधवार को राजपूतों की सभा को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी, पिछले चार दिन से इंटरनेट सेवा पर रोक लगाने के साथ ही भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था. उल्लेखनीय है कि आनंदपाल का एनकाउंटर 24 जून को हुआ था उसी दिन से परिजन अंतिम संस्कार इस शर्त पर करने की मांग पर अड़े हुए है कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए.

Tags: Rajasthan News, Anand Pal Encounter Protest, Rajasthan Rajput Protest, CBI enquiry, Encounter, Gangster Anand Pal Singh, Hindi News

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