राहुल गांधी ने लेख लिखकर पीएम मोदी पर हमला किया

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नई दिल्ली. नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर मोदी सरकार इसकी सफलता का जश्न मनाती दिख रही है वहीं विपक्ष इसकी विफलता को उजागर करने में लगा हुआ है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने फाइनेंसियल टाइम्स में एक लिख कर नोटबंदी और प्रधानमंत्री की जबरदस्त आलोचना की है. राहुल गांधी ने लिखा है, “एक साल पहले नरेंद्र मोदी ने आरबीआई की अनदेखी करके, अपने मंत्रिमंडल को एक कमरे में बंद करके देश को नोटबंदी के अपने मनमाने और इकतरफा फैसले की सूचना दी और केवल चार घंटे की मोहलत दी. रातोरात भारत की 86 प्रतिशत नकदी बंद कर दी गई.”

राहुल ने अपने लेख में नोटबंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के लिए जिम्मेदार बताया है. उन्होंने लिखा है, “नोटबंदी से जीडीपी दो प्रतिशत घट गया, असंगठित क्षेत्र में रोजगार खत्म हो गया, छोटे और मझोले उद्यम बर्बाद हो गये. इसने कड़ी मेहनत करने वाले लाखों गरीबों का जीवन दुश्वार कर दिया.”

राहुल ने पीएम नरेंद्र मोदी के नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होने के दावे पर सवाल उठाया. उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री दावा कर रहे हैं कि इस फैसले का मकसद भ्रष्टाचार मिटाना था. 12 महीने बाद कोई चीज खत्म हुई है तो वो है एक समय तेजी से विकसित होती भारतीय अर्थव्यवस्था में हमारा भरोसा.”

राहुल गांधी ने नोटबंदी के साथ ही मोदी सरकार द्वारा एक जुलाई से लागू किए गये वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की आलोचना की. राहुल ने लिखा, “इस साल जल्दबाजी में बगैर पूरी तैयारी के जीएसटी लागू करने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक और धक्का दे दिया गया. लालफीताशाही और जटिल होने के कारण इसने रोजगार छीन लिया. इसने नए जमाने का “लाइसेंस राज” ला दिया है जिससे सरकारी अधिकारियों के हाथ में असीमित शक्ति आ गई है.”

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा है कि मोदी सरकार ने ये दोनों फैसले ऐसे समय में लिए जब वैश्विक अर्थव्यवस्था भारत के आर्थिक मॉडल से एक खास उम्मीद कर रही थी. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने लिखा है कि मोदी सरकार के इस फैसले से चीन को फायदा हुआ है. राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के प्रति उपजे आक्रोश को भटकाने के लिए देश में साप्रंदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

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